प्रशासन द्वारा आवास खाली कराकर वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डोसीगांव EWS फ्लैट: 208 हितग्राही 4 अगस्त तक जमा कराएं ₹1.80 लाख की बकाया राशि
रतलाम 2 अगस्त 2026
प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 के तहत डोसीगांव में AHP घटक के अंतर्गत वर्ष 2019-20 में निर्मित 396 EWS (1 BHK) फ्लैट्स को लेकर नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। निगम ने 208 अवैध कब्जाधारी हितग्राहियों को 4 अगस्त तक शेष राशि 1.80 लाख रुपये जमा कराने का अंतिम अवसर दिया है। राशि जमा न करने की स्थिति में आवास खाली कराकर संबंधितों के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज कराया जाएगा।
मामला क्या है?
लागत और अंशदान: प्रति इकाई EWS फ्लैट की लागत ₹7.85 लाख है। इसमें से केंद्र सरकार (₹1.5 लाख), राज्य सरकार (₹1.5 लाख) और निगम (₹2.85 लाख) के अंशदान के बाद हितग्राही का अंशदान ₹2.00 लाख निर्धारित किया गया था।
विस्थापन और अस्थायी राहत: रेलवे की भूमि पर बसी शिवशंकर कॉलोनी और प्रकाश नगर स्लम बस्ती के विस्थापन के लिए कलेक्टर द्वारा 396 हितग्राहियों की सूची अनुमोदित की गई थी। वर्ष 2020-21 में रेलवे की कार्रवाई के दौरान तत्कालीन प्रशासन और विधायक के हस्तक्षेप पर रहवासियों को डोसीगांव में शिफ्ट कराया गया।
मार्जिन मनी और लोन: सभी से 10% मार्जिन मनी (₹20,000) जमा कराई गई थी—जिसमें से ₹10,000 प्रति हितग्राही की सहायता विधायक फाउंडेशन से अनुकंपा के रूप में दी गई थी। शेष ₹1.80 लाख जमा करने के लिए पंजाब नेशनल बैंक से ऋण लेने के निर्देश दिए गए थे।
208 हितग्राहियों ने नहीं चुकाई राशि, 6 बार जारी हो चुके हैं नोटिस
वर्तमान स्थिति: कुल 396 हितग्राहियों में से 166 ने बैंक से लोन लिया और 20 ने एकमुश्त राशि जमा की। हालांकि, लोन लेने वाले अधिकांश लोगों द्वारा किश्तें न चुकाने के कारण उनके खाते NPA घोषित हो गए, जिससे बैंक ने अन्य हितग्राहियों को ऋण देना बंद कर दिया।
शेष 208 हितग्राही: इन्होंने न तो लोन स्वीकृत कराया और न ही राशि जमा की। पिछले 6 वर्षों से ये अवैध रूप से निवास कर रहे हैं और इन्हें खाली करने के लिए 6 बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
निगम को नुकसान: अवैध बिजली और पानी के कनेक्शनों से नगर निगम को पिछले 6 वर्षों में लगभग ₹7 से 10 लाख का नुकसान हुआ है। कनेक्शन काटे जाने पर डायरेक्ट MPEB से बिजली चोरी की शिकायतें भी सामने आई हैं।
31 जुलाई की कार्रवाई के दौरान पथराव और हमला
दिनांक 31 जुलाई 2026 को जब नगर निगम की टीम छठवीं बार नोटिस तामील कराने पहुंची, तो मौके पर रहवासियों द्वारा विवाद खड़ा किया गया। असामाजिक तत्वों ने पथराव, मारपीट, लाठियों से हमला और शासकीय वाहनों में तोड़फोड़ की। निगम प्रशासन का कहना है कि रहवासी स्वयं को पीड़ित बताकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रहे हैं और आवास, बिजली व पानी सब मुफ्त में पाने की अनुचित मांग कर रहे हैं।
अंतिम चेतावनी:
यदि शेष 208 हितग्राहियों द्वारा तय सीमा तक बकाया राशि ₹1.80 लाख जमा नहीं की जाती है, तो प्रशासन द्वारा आवास खाली कराकर वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

